1. सामान्य सिद्धांत
हमारा शुल्क आवेदन तैयार करने और जमा करने की सेवा का है। आवेदन की स्वीकृति सरकारी विभाग के हाथ में है, इसलिए रिफंड इस बात पर निर्भर करता है कि आवेदन कहाँ और क्यों अस्वीकृत हुआ।
2. केंद्र स्तर पर अस्वीकृति - केवल ₹20 की कटौती
आवेदन दर्ज होने के बाद हमारे ऑपरेटर आपके दस्तावेज़ों की प्रारंभिक जाँच करते हैं। यदि दस्तावेज़ अस्पष्ट, अधूरे, जाली या नियम के अनुसार अमान्य पाए जाते हैं और आवेदन हमारे केंद्र स्तर पर ही रोक दिया जाता है:
- जाँच और प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में केवल ₹20 काटे जाएँगे।
- शेष राशि आपके पोर्टल वॉलेट में वापस जमा कर दी जाएगी, ताकि आप सही दस्तावेज़ों के साथ फिर से आवेदन कर सकें।
3. सरकारी विभाग स्तर पर अस्वीकृति - कोई रिफंड नहीं
यदि आवेदन सही तरीके से सरकारी पोर्टल पर जमा हो चुका है और उसके बाद संबंधित विभाग (जैसे UIDAI, NSDL / UTI, समग्र पोर्टल) उसे अस्वीकृत करता है, जैसे बायोमेट्रिक मेल न खाना, पुराने रिकॉर्ड में त्रुटि या दस्तावेज़ों में अंतर होना, तो कोई राशि रिफंड नहीं की जाएगी।
सरकारी पोर्टल पर जमा होने के बाद सेवा शुल्क अहस्तांतरणीय (Non-refundable) होता है।
4. आवेदन रद्द करना
- आप आवेदन भेजने से पहले किसी भी समय उसे ड्राफ्ट के रूप में सहेज सकते हैं। ड्राफ्ट पर कोई शुल्क नहीं कटता।
- आवेदन भेजने और पिन सत्यापित होने के बाद शुल्क कट जाता है। यदि काम शुरू होने से पहले आप रद्द करना चाहते हैं, तो तुरंत हमें फोन या WhatsApp करें। हम जाँच के बाद उचित कटौती करके शेष राशि वॉलेट में लौटा सकते हैं।
- जिस आवेदन पर सरकारी पोर्टल पर काम हो चुका हो, उसे रद्द नहीं किया जा सकता।
5. वॉलेट रिचार्ज या भुगतान में गड़बड़ी
- यदि आपके बैंक / UPI से पैसे कट गए पर वॉलेट में नहीं जुड़े, तो भुगतान की रसीद, UTR या Txn ID के साथ हमसे संपर्क करें।
- सत्यापन के बाद राशि आपके वॉलेट में जोड़ी जाएगी या संबंधित भुगतान माध्यम द्वारा लौटाई जाएगी। बैंक के माध्यम से लौटने में कुछ कार्य दिवस लग सकते हैं।
- एक ही आवेदन के लिए दो बार शुल्क कटने पर अतिरिक्त राशि सत्यापन के बाद लौटाई जाएगी।
6. रिफंड का अनुरोध कैसे करें
- आवेदन संख्या (Application ID) के साथ +91 9685822394 पर फोन / WhatsApp करें।
- या onlinesevaaapkedwar@gmail.com पर ईमेल करें।
- हम आपकी शिकायत की जाँच कर 7 कार्य दिवस के भीतर जवाब देने का प्रयास करेंगे।
- विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार भोपाल न्यायालय का रहेगा।